Today Current Affairs Part - 2

खेल कूद मनुष्य की सांस्कृतिक विरासत (Today Current Affairs Part - 2)

Today Current Affairs

सांस्कृतिक व्यक्ति के व्यक्तित्व को अत्यधिक प्रभावित करती है यह विरासत है जो किसी न किसी माध्यम

से पीढ़ी दर पीढ़ी अर्जित की जाती है खेलकूद की हमारी सांस्कृतिक विरासत है परंतु यह बन्ना अत्यंत कठिन

है की इन का आरंभ कब हुआ परंतु यह अनुमान लगाया जाता है कि खेलकूद का आरंभ मानव के पृथ्वी परआने के साथ ही हो गया था प्राचीन समय में मनुष्य अपने मौलिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तथाअपनी रक्षा हेतु जो भी क्रियाएं करता था यह परोक्ष रूप से खेलकूद की थी जैसे जीवन यापन के लिए शिकार

करना अपने शरीर के पीछे भागना भाला फेंक ना तीर चलाना इत्यादि इसी तरह अपने बचपन के लिए भागना

छलांग लगाना मुकाबला करना इत्यादि मानव की दिनचर्या के सम्मिलित थे उस समय यह खेलकूद उसकी

जीविका तथा रक्षा का एक माध्यम थी परंतु यही खेल-कूद और मनोरंजन तथा सम्मान का साधन बन गई है

आदिकाल में योग्यतम  का जीवित रहना जैसे नियम लागू होते थे जिसके लिए मानव का हष्ट पुष्ट हो ना ठीक

प्रकार से अस्त्र शस्त्र चलाना दिनचर्या होता था यह सभी कार्य मानव विभिन्न क्रियाओं द्वारा करता था जिसका

प्रशिक्षण तो होता ही होगा चाहे कोई प्रशिक्षक होता होगा या नहीं या फिर एक दूसरों को देखकर सीखा जाता

होगा पर यह तो स्पष्ट ही है कि उस समय क्रियाओं के कोई दिनचर्य नियम नहीं होते होंगे जिनको  मां क्रिया

जैसे पूछा छलांग भाला फेंक ना आदि काल में प्रचलित थी तथा आज भी है अंतर केवल इतना है कि अब यह

क्रियाएं एक प्रतियोगिता का रूप ले चुकी है जिनमें नियम है समय है तरीका है तथा इनाम है कुछ क्रियाएं

आज मानव अपने मनोरंजन के लिए भी करता है आदि काल की शारीरिक क्रियाओं से लेकर वर्तमान प्रतियोगिताओं

तक के लंबे सफर में विशेष की विभिन्न सभ्यताओं अथवा देशों का योगदान रहा है इस योगदान में अग्रणी

रहा है यूनान


नारी की नौकरी (Woman's job)


1.  यूनान - खेलें एग्जाम उतने ही पुराने हैं जितना की मानव उनका आरंभ सभ्यताओं से पहले ही हो

गया था प्राप्त अवशेष  इस पूर्व खेलें कृषि चयन हीरा से पहले ही प्रारंभ हो गई थी सभ्यताओं के विकास के

साथ-साथ इनका भी विकास हुआ यूनानी सभ्यता को शारीरिक शिक्षा में नियम वृद्धि विकास का जन्मदाता

माना जाता है आज दिन के ओलंपिक के नाम से जानते हैं यह यूनानियों की ही देन है इन खेलों का प्रारंभ

776  को हुआ था जब लोगों के लिए नामक व्यक्ति ने ओलंपिक प्रारंभ करने के लिए पहले दौड़ लगाई थी

यूनानी काल को चार प्रमुख भागों में बांटा जाता है जिनका वर्णन अगर लिखित है


A).  होमरिक कल  - यह कॉल कार्य कुशलता एवं बहादुरी के नाम से जाना जाता है जिसका वर्णन वह

मर के महाकाव्य इलियट प्रथा और डीसी में मिलता है ओलंपिक इसी काल में प्रारंभ हुआ जो 394 एसपी

पूर्व तक चले इसके पश्चात 1296 तक इस तरह की किसी भी प्रकार के खेलों का आयोजन नहीं हुआ


B).  स्पार्टा काल  (730-600 B.C.)  -  होमरिक काल के पश्चात यूनान की दार्शनिक ता को एक

अन्य सामाजिक संगठन ने प्रभावित किया जिसे यूनान इतिहास में स्पार्टा के नाम से जाना जाता है इस काल

में शारीरिक शिक्षा को अत्यधिक बढ़ावा मिला स्पार्टन को बहादुरी के लिए जाना जाता है इसकी शिक्षा नीति

केवल योद्धा पैदा करने की रही है उन्होंने एक ऐसा संगठन बनाया था जिसके हाथ में बच्चों का भविष्य

निहित करता था 7 वर्ष का बच्चा राज्य की संपत्ति हो जाता था राज्य उसके लिए विशेष कार्यक्रम प्यार करता

था तथा इसी के अनुसार उसके शिक्षा दिशा होती थी मासी ने स्पार्टन के बारे में लिखा कि हमारे पास

ओलंपिक के काफी रिकॉर्ड हैं जिनमें लेकोनिया के लोग ज्यादा बार विजेता रहे हैं 15 ओलंपिक में 81 विजेताओं

में से 46 पाटन थे पाटन काल में शारीरिक शिक्षा को प्रमुख स्थान दिया गया यह विशेषता इसलिए नहीं कि

यूनान पर बाहरी हमलों का काफी दबाव था तथा इन्हें अपने दसों द्वारा बगावत का भी आया था इसलिए

उन्होंने अपने राज्य को एक सैनिक राज्य के रूप में बना दिया उन्होंने केवल शारीरिक विकास की ओर ही

ध्यान दिया उन्होंने जीवन से नैतिक ऐप अध्यात्म को समाप्त सा कर दिया था वे अपने एक तरफा कार्यक्रम

की वजह से ना तो सभ्य समाज को अपना सके ना ही कुछ सभ्यता जैसे आगे आने वाली पीढ़ियों को दे सके 

C).   ऐथनस काल  -  इतिहास हमें बताता है कि दर्शन सब पाटन से बिल्कुल भी न थे यह व्यक्ति एक

देश के चहुमुखी विकास में विश्वास करते थे इसलिए उन्होंने यह ऐसी शिक्षा नीति को अपनाया योग्य को

सफल बना सके उनकी नीति के अनुसार 7 वर्ष तक बच्चा अपने माता-पिता के पास रहता था फिर उसकी

शिक्षा प्रारंभ होती थी जिसमें पढ़ना लिखना गाना नृत्य भी जोड़ा गया था ताकि बच्चे का सही विकास हो सके

इस काल में खेले जाने वाले खेलों में गेंद के खेली जाने वाली खेलने नाव चलाना वा किंग जिना स्टिक कुश्ती

तेरा की तथा ट्रैक एवं फील्ड इवेंट्स आदि थे इस काल में प्रत्येक आयु के बच्चों के लिए भिन्न-भिन्न कार्यक्रम

बनाया गया था 16 वर्ष के बाद बच्चा राज्य की संपत्ति बन जाता था जिसे कानून की संस्कृति की नैतिकता

की तथा देश के प्रति जिम्मेदारियों की शिक्षा दी जाती थी परंतु बच्चा जो शिक्षा 16 से 18 वर्ष के बीच में प्राप्त

करता था उसे उसका प्रदर्शन भी करना होता था इसके पश्चात सेना के लिए सिखलाई प्रारंभ हो जाती थी

तथा 2 वर्षों में बच्चा सेना के लिए तैयार हो जाता था


D).   पैरीकल काल  (455 - 431 B.C.)  -  मिस कॉल की विशेषता थी कि इसमें खेलने अत्यंत ही

अनुशासित ढंग से की जाती थी तथा शारीरिक शिक्षा का वर्णन योग्य काल में यूनानी यों ने यह महसूस किया

कि खेल को जिताना उतना महत्व नहीं रखता जितना कि उसे ठीक ढंग से खेलना अतः खेल को नियमों के

अनुसार खेलने साहस दिखाने तो सही खेल को जीत से ज्यादा महत्व दिया जाने लगा खेलों को इतना महत्व

दिया जाता था कि इसे जीवन की सफलता से जुड़ जाता था यूनान जिसे आधुनिक साहित्य दर्शन एकता

शिक्षा एवं राजनीति का जन्मदाता कहा जाता है उन्होंने ही सबसे अधिक खेलों तथा शारीरिक शिक्षा के लिए

योगदान दिया


2.    रोमन राज्य  - रोमन यूनानी यों के उत्तराधिकारी थे यूनानी यों के संस्कृति इतने विकसित देश की

एक रो मन्ना को काफी कुछ विरासत में मिला राज्य के साथ-साथ संगीत कला तथा शिक्षा प्रणाली को रोमन

से उच्चतम श्रेणी में प्राप्त किया परंतु उन्होंने बच्चों को वही शिक्षा दी जो उन्हें ठीक लगी बच्चे की शिक्षा की

जिम्मेदारी माता-पिता की होती है माता-पिता बच्चों को विभिन्न प्रकार की शिक्षा देते थे जैसे लड़कों को अलग

तरह की शिक्षा दी जाती थी तो लड़कियों को अलग परंतु शिक्षा की विशेष बात थी कि बच्चों को अपने राज्य

की परंपरा का सम्मान करना बताया जाता था रोमन राज्य में शारीरिक शिक्षा के बदले शारीरिक प्रशिक्षण

पर अधिक बल दिया जाता था खेलो के प्रदर्शन पर अधिक बल दिया जाता था प्रदर्शनी यू तथा के द्वारा से

दर्शाया जाता था एक समय ऐसा आया कि लोगों के जीवन का एक अभिन्न अंग बन गए विजेता को इनाम के

रूप में धनराशि दी जाती थी रोमन लोग दौड़ जंगली जानवरों की लड़ाई बैलों की लाइट यादी में बहुत अधिक

दिलचस्पी रखते थे उनके इस शौक किसी मना रही जब दसों को ही काटना प्रारंभ हो गया ऊपर लिखित

बातों से हमें पता चलता है कि रोमन अंक ने शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में कोई योगदान नहीं दिया


3.    डेनमार्क  - डेनमार्क के निवासी स्वीडन के शिक्षा कार्यक्रम से अत्यधिक प्रभावित है क्योंकि यह

भी युद्ध के सताए हुए थे आधुनिक यूरोप यूरोप में शारीरिक शिक्षा को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाने का

श्रेय डेनमार्क हो जाता है डेनमार्क में पहला जिम्नेशियम सीरी है चीन वालों ने खोला था डेनमार्क में

शारीरिक शिक्षकों के साथ प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया तथा शिक्षकों को इसके मैनुअल दिए गए डेनमार्क में

स्वैच्छिक तलब खोले जिसमें गांव के युवाओं को शारीरिक शिक्षण के द्वारा तैयार किया जाता था शारीरिक

शिक्षा शिक्षा के अधीन अंग के रूप में तो प्रारंभ हो ही चुकी थी पर इस के कार्यक्रम को अधिक दिलचस्प

तथा विकासशील बनाने के लिए इसमें चिकित्सा बच्चों की ग्रेडिंग शारीरिक शिक्षा की यादें को जोड़ा गया

इसमें गांव से बच्चों के लिए खेलों का अत्यधिक प्रावधान रखा गया था इन सब कार्यक्रमों को जोड़ने से

शारीरिक शिक्षा डेनमार्क में काफी प्रसिद्ध हुई 


4.   इंग्लैंड - इंग्लैंड में शिक्षा बघेल ने केवल मनोरंजन के लिए खेली जाती थी इंग्लैंड की भौगोलिक

स्थिति ऐसी है कि उन्होंने कभी भी आवश्यक प्रशिक्षण नहीं दिया अंग्रेजों की यह विशेषता रही है कि वह

जहां भी रहे चाहे अपने जन्म में हो या विदेश में सर्वदा अपनी खेलें अपने साथ लेकर जाते रहे हैं इनकी

ऐसी खासियत के कारण उन्होंने टेनिस फुटबॉल फील्ड इवेंट्स लाना तथा कि को दुनिया के कोने कोने

रूप में हम कह सकते हैं कि शारीरिक शिक्षा में खेल लूंगी दर्शनिक के विकास का श्रेय जाता है


5.   अमेरिकन  - अमेरिका में शारीरिक शिक्षा का इतिहास वहां पर हर काल में होने वाले सामाजिक

एवं संस्कृति के बदलाव का इतिहास है जो लोग इस जगह रहते थे उन्हें शारीरिक शिक्षा का बिल्कुल भी

ज्ञान नहीं था वह अपने आप को बसाने में इतने व्यस्त थे कि खेलने इन्हें समय का दुरुपयोग महसूस होती थी

अमेरिका में 1840 के पश्चात काफी प्रवासी आए जो अपने साथ अपने खेल नृत्य गायन तथा मनोरंजन के

साधन लाए सभी लोग अपने साथ चिकित्सा जिमनास्टिक जर्मन अपना जर्मन जिमनास्टिक तथा अंग्रेज

अपनी खेलने अपने साथ लेकर आए इन सब का अमेरिका की संस्कृति पर सीधा प्रभाव पड़ा तथा इससे

उनकी शारीरिक शिक्षा की अछूती नहीं रह सकी खेलों ने धीरे-धीरे शारीरिक शिक्षा में स्थान लिया तो था

शारीरिक शिक्षा में शिक्षा प्रणाली में इसी का परिणाम है कि आज अमेरिकन इस तथ्य पर विश्वास करते हैं

कि स्वस्थ दिमाग समस्त शरीर में निवास करता है अमेरिका ने प्रवासियों द्वारा लाए हुए खेलों को सही

कार्यक्रम दिया तथा उसे आगे बढ़ाया आज उनकी खेलों में सफलता इस वाक्य की पूर्ति करती है 


CURRENT AFFAIRS IN HINDI (करंट अफेयर्स इन हिंदी)

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