Importance of women education

 नारी शिक्षा का महत्व (Importance of women education)

Importance of women education

विभिन्न समाजों में सर के महत्व को स्वीकार किया है यह ना दर्शनी अरस्तु के अनुसार एक शिक्षित व्यक्ति अशिक्षित व्यक्ति से उतना ही श्रेष्ठ होता है जितना कि एक जीवित व्यक्ति एक मृतक व्यक्ति से होता है इंग्लैंड के महान प्रधानमंत्री डीजे रैली का कहना है कि मेरे देश का भाग्य लोगों की शिक्षा पर ही आश्रित है शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का नाम नहीं है बल्कि संस्कार और सुरुचि के विकास का भी नाम है विद्वानों ने धार्मिक विचारों के अभाव में शिक्षा को अधूरा  माना है हमारे जीवन में शिक्षा का महत्व है जो एक पत्थर के लिए शिल्पी का होता है शिल्पकार एक अनगढ़ पत्थर से सुंदर प्रतिमा करता है इसी प्रकार अच्छी शिक्षा मनुष्य में छोटी शक्तियों का विकास कर उसे सफलता  की ओर ले जाती है


शिक्षा का महत्व सभी के लिए है परंतु नारी का शिक्षित होना अधिक महत्वपूर्ण है कहा गया है कि यदि एक प्रशिक्षित होता है तो एक व्यक्ति शिक्षित होता है परंतु यदि एक नारी शिक्षित होती है तो पूरा परिवार शिक्षित होता है जब शिक्षा एक हरि के शब्द गुणों का विकास करती है तो वे सद्गुण सहज की संतान को हस्तांतरित हो जाते हैं नारी ही है जो सब को अपने स्नेह की छाया में पढ़ती है और बच्चे को पालने के लिए तब करती है मां के संस्कारों और विचारों का प्रभाव बच्चों पर अत्यधिक पड़ता है शिवाजी की प्रेरणा माता जीजाबाई  ही बनी थी पराया परिवार में पुरुष अपने व्यवसाय और सामाजिक कार्य में खोए रहते हैं और संतान का पालन पोषण मां को ही करना पड़ता है


हमारे शास्त्रों में आदर्श नारी को मां और पत्नी के रूप में देखा गया है नारी के कर्तव्यों पर विचार करते हुए कहा गया कि कामकाज में नारी पुरुष की सलाहकार अर्थात मंत्री की भूमिका निभाती है नारी अच्छी सलाह भी दे सकती है जब वह शिक्षित और विवेकशील हो कार्य मंत्री कहकर नारी के महत्व को रेखांकित किया गया है आगे कहा गया कि नारी को करने सूची अर्थात सेवा कार्यों में दासी के समान होना चाहिए सेवक को अपनी सीमाओं अर्थात कर्तव्यों का और अधिकारों का पूरा ज्ञान  रहता है यह ज्ञान शिक्षित नारी को अधिक अच्छी तरह रहता है अशिक्षित नारी की अपेक्षा शिक्षित नारी परिवार के लिए अधिक उपयोगी भूमिका निभा सकती है


माता को परिवार के लिए स्वादिष्ट पौष्टिक एवं गुणकारी भोजन बनाने का दायित्व नारी पर रहता है एक शिक्षित नारी अच्छी तरह जान सकती है कि परिवार के किसी सदस्य के लिए कैसा भोजन उचित है नारी भोजन आदि बनाने में मां के समान उधार और स्नेह मई होने के साथ-साथ विवेकशील भी होनी चाहिए


 पति के साथ रहते हुए संतान उत्पत्ति पर सुखमय जीवन जीने की लालसा से नारी रंभा के समान पति को आनंद देती है सृष्टि का कर्म आगे बढ़े इसके लिए पति-पत्नी के संबंधों का सहज आनंददाई होना

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आवश्यक है पढ़ी लिखी नारी शिक्षित नारी की अपेक्षा अपनी इस जिम्मेदारी को बेहतर ढंग से निभाती है नारी के लिए धर्म गोला होना भी आवश्यक माना जाता है धर्म अर्थात अपने कर्तव्य को भली प्रकार समझने वाली नारी को धर्म अनुकूला कहा गया है शिक्षा अथवा विद्या से ही उसकी नारी अपने कर्तव्य कर्तव्य को पहचान में असमर्थ होती है


पुत्र कितने ही अपराध दिन में क्यों ना करें मां उसे अपने दिल में नहीं लेती हो बच्चे को नहीं त्याग दी इसलिए नारी के लिए शम्या धरित्री कहा गया है अर्थात वह पृथ्वी के समान क्षमाशील होनी चाहिए क्षमाशील ताम विवेक से आती है विवेक ज्ञान से पैदा होता है ज्ञान की वृद्धि विद्यार्थी शिक्षा से होती है आधुनिक युग तीव्र प्रतियोगिता का युग है सभी व्यक्ति सुख सुविधाएं जीवन जीना जाते हैं लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठ रहा है लोगों की आवश्यकताएं भी बढ़ रही है आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अधिक से अधिक धन कमाना आवश्यक हो गया है एक समय था कि परिवार का एक सदस्य कमाता था और 10 सदस्य उस पर निर्भर रहते थे आज वह संभव नहीं रहा इसलिए नारी के लिए नौकरी करना आवश्यक हो गया है अब अशिक्षित नारी झाड़ू पोछा या चौका बर्तन के सिवा क्या कर सकती है नारा नौकरी यदि आज की नारी की आवश्यकता है तो शिक्षा आज नौकरी की जरूरत है शिक्षित नारी परिवार का आर्थिक स्तर ऊंचा बढ़ाने में सहायता दे सकती है


अशिक्षित नारी संभावित दुर्लभ होती है अंधविश्वासों में डूबी निंदा चुगली में दिन काटने वाली जादू दोनों में विश्वास करने वाली समाज में कुरीतियों और कुछ जानकारों को बढ़ावा देती है निरीक्षण नारी का जीवन अंधकारमय होता है वह परिवार के लिए उपयोगी कार्य एक सीमा में ही कर सकती है और ज्ञान वर्ष परिवार को हानि भी पहुंचा सकती है अशिक्षित नारी परिवार के लिए बोझ ही होती है किसी भी राष्ट्र का भविष्य दे शिक्षा पर निर्भर करता है तो किसी भी समाज की प्रगति शिक्षित नारी पर निर्भर करती है शिक्षित नारी की अध्यापिका बनेगी डॉक्टर नर्स बनेगी वैज्ञानिक अथवा प्रशासनिक अधिकारी बनेगी वकील अथवा जज बनेगी समाज का उपयोग यंग बनने के लिए नारी का शिक्षित होना अत्यंत महत्वपूर्ण है शिक्षित नारियों ने स्वतंत्र भारत को नेतृत्व प्रदान किया है 

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