Current Affairs Gk Today

 गर्माना, ठंडा होना और इनका महत्व (Current Affairs Gk TODAY)

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खेलकूद में गर्माने का एक विशेष स्थान है धर्म आने से खिलाड़ी मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रतियोगिता के लिए तैयार हो जाता है तथा गर्म आने से शरीर का तापमान बढ़ जाता है मांसपेशियों के फैलने ऐब सिकुड़ने की शक्ति बढ़ जाती है जिससे शरीर की शक्ति एप गति बढ़ जाती है डेबरिस के अनुसार गर्म आना रक्त के तापमान को बढ़ाता है परिणाम स्वरूप मांसपेशियां प्रदर्शन को बढ़ाती हैं


हील ने गर्माने के विषय में कहा है यदि शरीर से साधारण तापमान में कुछ कमी हो जाती है तो प्रतिक्रिया समय बढ़ जाएगा संकुचन समय भी बढ़ जाएगा परंतु मांसपेशियों का प्रसार कम हो जाएगा यदि शरीर के तापमान को साधारण तापमान से अधिक बढ़ाया जाता है तो मांस पेशियों की संकुचन शक्ति पतिव्रता बढ़ जाएगी किसी अन्य ने लिखा है कि गर्म आना एक ऐसा प्रारंभिक व्यायाम है जिसके द्वारा व्यक्ति शारीरिक व मानसिक रूप से कठिन से कठिन परिश्रम करने के लिए तैयार हो जाता है गर्म आना अपने आप में एक अत्यंत महत्वपूर्ण अभ्यास है किसी कार्य प्रतियोगिता से पहले दौड़ कर या व्यायाम करके शरीर को गरमाने की प्रक्रिया ही गर्म आना कहलाती है धर्म आना एक ऐसा प्रारंभिक व्यायाम है जिसके द्वारा व्यक्ति शरीर एक मानसिक रूप से गतिविधि करने के लिए तैयार होता है अतः हम यह कह सकते हैं कि खेलकूद में गर्म आना एक आवश्यक करिया है इस क्रिया में कुछ विशेष व्यायाम शामिल किए जाते हैं जो खिलाड़ियों को मानसिक एवं शारीरिक रूप मैं प्रतियोगिता के लिए तैयार करते हैं


गर्माने के प्रकार - गर्माना दो प्रकार का होता है -


1.  मानसिक रूप से गर्माना 

2.  शारीरिक रूप से गर्माना


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1. मानसिक रूप से गर्माना - खिलाड़ी के लिए मानसिक रूप से गर्म आना अति आवश्यक है क्योंकि इससे उनमें खेल के दौरान आए उतार-चढ़ाव को सहन करने की शक्ति आ जाती है मानसिक रूप से गर्म आने में खिलाड़ियों को हर तरह से मानसिक रूप से तैयार करना है जिससे वह कठिन परिस्थिति में ना घबराए खेल को दबाव रहित माने उसे जगह मौसम दिनांक 3 तथा प्रतिबिंब ईनो के स्तर का ज्ञान हो स्वयं को दूसरों से कम ना माने और ना ही स्वयं पर गर्व महसूस करें कि मेरे बराबर कोई नहीं है और ना ही प्रतिबिंब ई को कमजोर समझे मानसिक रूप से गर्म आना यूं तो प्रशिक्षण प्रारंभ करने के साथ-साथ चलता रहता है परंतु इसका सही समय प्रतियोगिता से एक-दो दिन पहले ही आरंभ हो जाता है ताकि खिलाड़ी प्रतियोगिता के समय हर तरह से मानसिक दबाव को सहने के काबिल हो जाए


2.   शारीरिक रूप से गर्माना - शारीरिक रूप से गर्म आना खिलाड़ी के लिए किसी भी खेल एक क्रिया से पहले अति आवश्यक है क्योंकि इससे शरीर हर तरह के दबाव सहन करने के लिए सक्षम हो जाता है शरीर एक  गर्माना दो प्रकार से किया जाता है


A).  सक्रिय गर्माना

B).  निष्क्रिय गर्माना


C).   सक्रिय गर्माना - सक्रिय करवाना शरीर को धीरे-धीरे गति में लाकर किया जाता है इसमें कुछ सामान्य व्यायाम किए जाते हैं तथा कुछ विशेष व्यायाम किए जाते हैं जो निम्नलिखित हैं


1.  विशेष गर्माना - इसमें प्रत्येक खेल से संबंधित विशेष व्यायाम का चुनाव कर के खिलाड़ी को उस खेल के लिए विशेष रूप से तैयार किया जाता है शरीर के जिन अंको का उस खेल में विशेष रूप से प्रयोग हो ना हो उन अंगों को गरमाने के लिए विशेष व्यायाम किए जाते हैं जैसे वालीवाल के खेल के लिए बाजू हाथों की उंगलियों के व्यायाम किए जाते हैं तथा बाल के साथ सर्विस सिंगर स्मैश इत्यादि का अभ्यास किया जाता है


2. सामान्य गर्माना - सामान्य व्यायाम ओं के अंतर्गत पूरे शरीर को गर्म आने के लिए सामान्य व्यायाम किए जाते हैं जो सभी खेलों में प्राय एक जैसे ही होते हैं इनमें जोगिंग, लंबे कदम भरना, विंड स्प्रीट कूदने वाले व्यायाम इत्यादि शामिल हैं


3.   निष्क्रिय गर्माना - इस तरह के जमाने में किसी भी तरह का ब्याह मियां गतिविधि नहीं की जाती इस तरह के धर्म आने के लिए कुछ विशेष प्रयोजन किए जाते हैं जैसे -


a).  मालिश करना 

b).  गर्म पानी से स्नान करना 

c).  भाप स्नान सोना 

d).  सोना बाथ 

e).  पेय पदार्थ का प्रयोग 

f).  ऊष्मा पार्या का प्रयोग


इन सब विधियों से शरीर को गर्म आया जा सकता है परंतु इसमें सक्रिय जुर्माना भी जोड़ा जा सकता है तभी इसके परिणाम ठीक निकलते हैं


4.   गर्माना की अवधि - यू तो खिलाड़ी के शरीर को खेल के अनुसार गर्माना जाता है परंतु यह आवश्यकता है कि उच्च स्तरीय खेल के लिए गर्म आने का समय कम से कम 15 से 20 मिनट तक कम स्तर बाली खेल के लिए 5 से 10 मिनट तथा विभिन्न व्यायाम और द्वारा गर्माना चाहिए


गर्माने के घटक - गर्माना की क्रिया के 3 घटक है


a).  खिंचाव व्यायाम 

b).  लचक के लिए व्यायाम 

c).  विशेष व्यायाम


1.   खिंचाव व्यायाम - अभ्यास के दौरान खिलाड़ी जोगिंग द्वारा या एरोबिक व्यायाम द्वारा लगातार अपनी मांसपेशियों का प्रयोग करता है इसके पश्चात खिंचाव व्यायाम आवश्यक है इसमें अभिनय झटके के मांसपेशियों में खिंचाव लाना चाहिए इन व्यायाम ओ से खिलाड़ी को गतिशीलता प्राप्त होती है


2.   लचक के लिए व्यायाम - खिंचाव व्यायाम के पश्चात खिलाड़ी को लचक के दिए हल्के व्यायाम अवश्य करने चाहिए यह व्यायाम लगातार करने चाहिए तथा इनमें शरीर के सभी अंगों का योगदान होना चाहिए


3.   विशेष व्यायाम - गरम आने के अंत में गतिविधि से जुड़े व्यायाम किए जाने चाहिए यह विशेष उपकरण या बिना उपकरण के भी किए जा सकते हैं इन नियमों का सीधा संबंध मुख्य गतिविधि से होता है


(गर्माना के सिद्धांत)


4.   क्रमानुसार व्यायाम - शरीर को करवाने के लिए क्रमानुसार व्यायाम देने चाहिए जैसे गर्दन से आरंभ करके पैरों तक जाना चाहिए


5.   आसान से मुश्किल की ओर - व्यायाम को सर्वदा आसानी से आरंभ करके मुश्किल की ओर जाना चाहिए जिससे शरीर को सही तरीके से गर्माना जा सके तथा शरीर का हर अंग तनाव को भी बर्दाश्त कर सके


6.   खिलाड़ी की स्वास्थ्य के अनुसार - गर्माना के लिए दिए जाने वाले व्यायाम हमेशा खिलाड़ी की क्षमता अब स्वास्थ्य को ध्यान में रख कर दिए जाने चाहिए इसकी जानकारी के बिना व्यायाम खिलाड़ी के लिए घातक हो सकते हैं 


7.   लिंग के अनुसार - लड़के या लड़कियों को गरमाने के लिए अलग-अलग व्यायाम करवाए जाते हैं इस तरह के नियमों की जानकारी प्रशिक्षक के लिए अति आवश्यक है


8.   सभी अंगों को सम्मिलित करना - कोई भी खेल ऐसा नहीं होता जिसमें केवल किसी विशेष अंग को ही शामिल किया जाता है खेल चाहे क्रिकेट हो या बालीवाल दौड़ हो या छलांग सब में संपूर्ण शरीर शामिल होता है इसलिए गरमाने में शरीर के हर अंग को गर्म करने के लिए व्यायाम दिए जाने चाहिए


9.   विशेष व्यायाम - यह बयान खिलाड़ी के खेल को ध्यान में रखकर दिए जाने चाहिए जिसमें खिलाड़ी उन विशेष अंगों को पूर्ण रूप से गर्म आ सके जो खेल विशेष में काम करेंगे


10.  आयु के अनुसार - शरीर को गर्म आने के लिए आयु का ध्यान विशेष रूप से रखा जाना चाहिए क्योंकि जिन भी आयामों को एक बड़ी आयु वाले खिलाड़ी आराम से कर सकता है उन्हें छोटी आयु वाला खिलाड़ी नहीं कर सकता

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