Current Affairs 14-May-2021

 Current Affairs 14-May-2021

Current Affairs 14-May-2021

गर्माना का महत्व - खेलकूद में शरीर को गर्म आने का अत्यधिक महत्व है गरम आने से -


  1. शरीर की शक्ति बढ़ती है

  2. गरम आने से शरीर का लचीलापन बढ़ता है

  3. गरम आने से मांसपेशियों की गति को बढ़ावा मिलता है

  4. गरम आने से रक्त संचार में वृद्धि होती है

  5. गरम आने से प्रतिक्रिया के समय में कमी आती है

  6. गर्म आने से दूसरे स्वास की समस्या नहीं आती

  7. ग्राम आने से अच्छा प्रदर्शन होता है

  8. गरम आने से खेल का विशेष कौशल बढ़ जाता है

  9. शरीर की हड्डियों मांसपेशियों और जोड़ों को क्षति से बचाया जा सकता है

  10. गरम आने से शरीर में होने वाले ऑक्सीजन त्रण 

मे सहायता मिलती है

  1. गर्म आने से कार्य क्षमता में बढ़ोतरी होती है 

  2. गरम आने से शरीर में उत्पन्न कई विकार समाप्त हो जाते हैं

  3. गर्म आने से शरीर में ऑक्सीजन की खपत बढ़ जाती है


Thoughts of Gandhi ji GK in Hindi

गरम आने के जिस तरह से शरीर का प्रभाव पड़ते हैं उसी तरह मानसिक रूप में भी इसका महत्व है गर्म आने से -


1.  मन कार्य करने के लिए तैयार होता है 

2.  एकाग्रता बढ़ती है 

3.  खिलाड़ी अपना ध्यान लक्ष्य की ओर केंद्रित करता है 

4.  हर तरह के तनाव को सहने के लिए खिलाड़ी मानसिक रूप से तैयार हो जाता है 

5.  मानसिक क्षमता बढ़ती है



1.  सक्रिय गर्माने के व्यायाम - शरीर को सक्रिय रूप से गर्म आने के कुछ प्रमुख व्यायाम निम्नलिखित हैं -


2.  धीमी गति से दौड़ना - इसे हम जागरण भी कहते हैं जोगिंग करने से शरीर में गर्मी आती है मांसपेशियां गर्म हो जाती है जिससे शरीर व्यायाम के लिए तैयार हो जाता है


3.  सरल व्यायाम - जोगिंग के पश्चात खिलाड़ी को सरल व्यायाम करने चाहिए जिसमे गर्दन, बाजू, कमर, टाग घुटने तथा रखने के व्यायाम आते हैं यह व्यायाम लगभग 5 मिनट तक करने चाहिए


4.  लंबे कदम लेकर दौड़ना - सरल व्यायाम के पश्चात खिलाड़ी को लंबे लंबे कदम लेकर जोड़ना चाहिए इसमें उसे अपनी क्षमता से 25 परसेंट कम शक्ति लगाकर दौड़ना चाहिए जिसमें कदम के लंबे हूं तथा घुटने भी ऊपर उठे हो ऐसा 60 - 70 मिनट तक करना चाहिए तथा इससे पांच छह बार दोहराना चाहिए


5.  खिंचाव के व्यायाम - लंबे कदमों से दौड़ने के पश्चात खींचा वाले व्यायाम की जाते हैं इसमें छाती का खिंचाव पेट का खिंचाव पेट का खींचा बरेली का खिंचाव कंधों के खिंचाव टांगों का खिंचाव इत्यादि शामिल है


6.  तेज गति से दौड़ना - खींचा वाले व्यायाम समाप्त होने के पश्चात तेज गति से दौड़ना चाहिए इसमें खिलाड़ी को अपनी क्षमता से 10 परसेंट कम शक्ति प्रयोग करनी चाहिए इसमें अधिकतर दूरी 30 मीटर तथा छह से आठ बार दोहराना चाहिए


7.  निष्क्रिय गर्माना की विधियां - मालिश करने से शरीर को गर्म आया जाता है मालिश से मांसपेशियां गर्म हो जाती है जिससे वे खेल में भाग लेने के लिए तैयार हो जाती हैं


8.  गर्म पानी से स्नान करना - गर्म पानी से स्नान करके भी शरीर को गर्म आया जाता है इसमें खिलाड़ी गर्म पानी से टब में बैठकर शरीर को गर्म करता है या फिर गर्म पानी से खवारे से भी शरीर को गर्म कर सकता है


9.  भाप का स्नान - यह सुविधा हर जगह उपलब्ध नहीं होती परंतु जहां है वहां बंद कमरे में बस में बैठकर खिलाड़ी अपने शरीर को गर्म कर सकता है


10.  ऊष्मा पार्या का प्रयोग - इस विधि से भी शरीर को गर्म आया जाता है परंतु यह विधि भी हर समय हर जगह उपलब्ध नहीं होती


11.  पेय पदार्थ का प्रयोग - पेय पदार्थ जैसे चाय कॉफी के द्वारा भी शरीर में गर्मी पहुंचाई जाती है परंतु निष्क्रिय रूप से गर्म आना अपने आप में पर्याप्त नहीं है इसे यदि सक्रिय गरमाने के साथ जोड़ा जाए तो इसके परिणाम अच्छे निकलेंगे


a).  गर्म आना दो तरह से किया जाता है

b).  सामान्य करवाना

c).  विशेष गर्मना


सामान्य करवाना ‌Today GK in Hindi - सामान्य करवाने में खिलाड़ी सारी गतिविधियां क्रमबद्ध करता है 


12.  अनुकूलन- हम यदि किसी भी कार्य को बार-बार करें तो हमारा शरीर उस कार्य को करने का अभ्यस्त हो जाता है फिर हम ज्यादा परिश्रम किए बिना बिना रुकावट के उस कार्य को करते जाते हैं यही अनुकूलन है इसी तरह निरंतर व्यायाम करने से हमारी इंद्रियां तथा मांसपेशियां इतनी अभ्यस्त हो जाती है कि ज्यादा ध्यान दिए बिना या अधिक परिश्रम किए बिना व्यायाम एवं शारीरिक गतिविधियां स्वयं में ही होती रहती है शारीरिक शिक्षा के अनुकूलन का अत्यधिक महत्व है क्योंकि इससे खिलाड़ी की कार्य क्षमता में बढ़ोतरी होती है


अनुकूलन का शरीर पर प्रभाव- अनुकूलन के खिलाड़ी के शरीर पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ता है-


13.  मांसपेशियों पर प्रभाव - अनुकूलन का मांसपेशियों पर अत्यधिक प्रभाव पड़ता है मांसपेशियों की क्षमता में वृद्धि होती है तथा मांसपेशियां हमारे अर्ध तनाव में रहती हैं इससे बिना थकावट के खिलाड़ी काफी समय तक व्यायाम कर सकता है तथा खेल भी खेल सकता है


14.  सुभाष क्रिया पर प्रभाव - अनुकूलन से सुबह बकरिया पर हर तरह के व्यायाम दौड़ तथा खेल से होने वाले तनाव को सहने की शक्ति आती है फेफड़ों की क्षमता बढ़ जाती है काफी समय तक व्यायाम करने या दौड़ते रहने से भी सुभाष करिया सुचारु रुप से होती रहती है इससे खिलाड़ी तनाव रहित होकर अपना व्यायाम या खेल जारी रख सकता है तथा उसे ताजा दम होने में भी कम समय लगता है


15.  हृदय पर प्रभाव - अनुकूलन से हृदय में काफी परिवर्तन होते हैं हरदेव की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है क्योंकि उसके आकार में बढ़ोतरी हो जाती है हृदय की धड़कन अधिक हो जाती है तथा हृदय की गति काफी बढ़ जाती है इसके अतिरिक्त अनुकूलित हृदय में रक्त दबाव स्थिर रहता है


16.  शरीर के विभिन्न अंगों पर प्रभाव- अनुकूलन से शरीर के विभिन्न अंगों का तालमेल बढ़ जाता है शरीर के अंगों के स्थान इंद्रियों का तालमेल भी बढ़ जाता है

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