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महात्मा गांधी के विचारों पर संग्रह (Mahatma Gandhi History)

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 महात्मा गांधी के विचारों पर संग्रह


➣ मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है सत्य मेरा भगवान है अहिंसा उसे पाने का साधन।
➣ पूंजी अपने आप मैं बुरी नहीं है उसके गलत उपयोग में ही बुराई है किसी ना किसी रूप में पूंजी की आवश्यकता हमेशा रहेगी।
➣ जब तक गलती करने की स्वतंत्रता ना हो तब तक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं है।
➣ अपने ज्ञान के प्रतीक जरूरत से अधिक का यकीन करना मूर्खता है यह याद लाना जरूरी है कि सबसे मजबूत कमजोर हो जाता है और सबसे बुद्धिमान भी गलती कर सकता है।
➣ क्रोध और 80 असिहषणुता सही समझ के दुश्मन है।
➣ अपनी गलती को स्वीकार ना झाड़ू लगने के समान है जो सतह को चमकदार और साफ कर देती है।
➣ ठोकर लगती है तो दर्द होता है तभी तो मुझसे सीख पाता है।
 ➣ खुद तो बदलाव बनिए जो दुनिया में आप दिखाना चाहते हैं।
➣ व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित एक प्रणाली है वह जो सोचते हैं वही बन जाता है।
➣ सत्य कभी-कभी ऐसे कारणों को शक्ति नहीं पहुंच सकता जो उचित हो।
➣ दुनिया में ऐसे लोग हैं जो इतने भूखे हैं कि भगवान उन्हें किसी और रूप में नहीं देख सकता शिवाय रोटी के रूप में।
➣ खादी मेरी शान है कर्म ही मेरी पूजा है सच्चा मेरा करम है और हिंदुस्तानी मेरी जान है।
➣ मौन सबसे शाशाक भाषण है धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी।
➣ ख़ुशी तब मिलेगी जब आप जो सोचते हैं वह कहते हैं और जो करते हैं सामंजस्य में हो।

➣ एक विनम्र तरीके से आप दुनिया को हिला सकते हैं।
➣ काम की अधिकता नहीं, अनियमियता आदमी को मार देती है।
➣ पूर्ण धारणा के साथ बोला गया नहीं दूसरों को खुश करने या समस्या से छुटकारा पाने के लिए बोले गए हां से बेहतर है।
➣ मैं किसी को भी गंदे पांव लेकर दिमाग से नहीं गुजरने दूंगा।
➣ विश्वास को हमेशा तरफ से तोड़ना चाहिए जब विश्वास अंधा हो जाता है तो मर जाता है।
➣ आप तब तक यह नहीं समझ पाते कि आपके लिए कौन महत्वपूर्ण में है जब तक आप इन्हें वास्तव में खो नहीं देते।
➣ क्रोध एक प्रचंड अग्नि है जो मनुष्य इस आदमी को वश में कर सकता है वह इसे बुद्धि देगा जो मनुष्य अग्नि को वश में नहीं कर सकता वह स्वयं अपने को जला लेगा।
➣ सत्य विना जन समर्थन के भी खड़ा रहता है वह आत्मनिर्भर है।
➣ भूल करने में पाप तो है परंतु इसे छिपाने में उससे भी बड़ा पाप है।
➣ सच खड़ा होता है चाहे लोगों का समर्थन ना भी हो यह आत्मा निर्भर है।
➣ अपने दोस्त हम देखना नहीं चाहते दूसरों के देखने में हमें मजा आता है बहुत सारे दुख तो उसी आदत से पैदा होते हैं।
➣ कायरता से कहीं ज्यादा अच्छा है लड़ते-लड़ते मर जाना।
➣ बुराई से सहयोग करना मानव का पवित्र कर्तव्य है।
➣ सत्य बिना जनसमर्थन के भी खड़ा रहना है वह आत्मनिर्भर है।
➣ हम जो दुनिया के जंगलों के साथ कर रहे हैं वह कुछ और नहीं बस चीज का प्रतिबिंब है जो हम अपने साथ और एक दूसरे के साथ कर रहे हैं
➣ श्रद्धा का अर्थ है आत्मविश्वास और आत्मविश्वास का अर्थ है ईश्वर में विश्वास।
➣ जिस दिन प्रेम की शक्ति शक्ति के प्रति प्रेम पर हावी हो जाएगी दुनिया में अमन आ जाएगा।
➣ वह चीज हमें अतीत में फंसा के रखती है वह हमें दुखों में भी फसा के रखती है।
➣ सच्ची मित्रता उत्तम स्वास्थ्य के समान है उसका महत्व तभी जाना होता है जब हम उसे खो बैठते हैं।
➣ जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं की उसने कभी कुछ नया नहीं किया।


➣ पाप के घृणा करो पापी से प्रेम करो।
➣ हमेशा अपने विचारों शब्दों और कर्म के पूर्ण समाजशय का लक्ष्य रखें हमेशा अपने विचारों को शुद्ध करने का लक्ष्य रखें और सब कुछ ठीक हो जाएगा।
➣ कुछ लोग सफलता के सपने देखते हैं जबकि कुछ लोग जागते हैं और कड़ी मेहनत करते हैं।
➣ मुझे विश्वास है कि एक मनुष्य निहत्थे मरने के लिए सबसे मजबूत सैनिक है।
➣ आपके विचार आपके जीवन का निर्माण करते हैं वहां संग्रह किए गए महान विचारकों के हजारों कथन आपके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
➣ सब ने बोली सत्य अहिंसा की बोली हर मस्ती में जलाई विदेशी वस्तुओं की होती।
➣ इंतजार मत करो जितना तुम सोचते हो जिंदगी उससे कहीं ज्यादा तेजी से निकल रही है।

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